मैसूर की महक
मैसूर की गलियों में, इतिहास गाता है,
हर मोड़ पे राजसी सपना छाता है।
महल सुनाता है वैभव की कहानी,
जहाँ दीप झिलमिल, रेशम की रवानी।
चमेली की खुशबू, चंदन की लहर,
मंदिरों के दीपक करें अमर ये शहर।
चामुंडी की पहाड़ियों से जब सूरज झाँके,
सोने-सा चमकता महल मुस्कुराए थमके।
देवराज मार्केट की रौनक निराली,
हर रंग में बसी यहाँ खुशहाली।
दूधिया संगमरमर, गुम्बद ऊँचे,
समय के पन्नों पर अंकित कुछ सच्चे।
दशहरा की शान, वो रथों की कतार,
झूम उठता है जन-जन बारंबार।
हाथियों की चाल, संगीत की तान,
मैसूर की रात्रि — मानो स्वर्ग समान।
कावेरी की फुहारें, ब्रिंदावन का बाग,
रंगीन रोशनी में जगमगता राग।
हर दिल में यहाँ प्रेम का नूर,
ऐसा है सुंदर — मैसूर।
— मीनाक्षी सिंह

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