माउंट आबू: प्रकृति का मधुर गीत
शांत वादियों में गूँजता, प्रकृति का मधुर पैगाम, बादलों से बातें करता, हरियाली का यह रूप। मन को छू जाए जैसे, कोई मधुर स्वरूप। झीलों की लहरों में चमके, सूरज की सुनहरी छाँव, नक्की झील के तट पर ठहर जाए, हर थका हुआ पाँव। धीरे-धीरे बहती हवा, सुनाए पुरानी कहानी, यहाँ हर कण में बसती है, प्रकृति की अमर निशानी। संगमरमर की नक्काशी में, भक्ति का अनुपम प्रकाश, दिलवाड़ा जैन मंदिर की शोभा, जैसे स्वर्ग का मधुर निवास। शांत गलियारों में जैसे, समय ठहर सा जाता, श्रद्धा और सौंदर्य मिलकर, नया इतिहास बनाता। साँझ ढले जब रंग बिखेरे, नभ का सुनहरा जादू, सनसेट पॉइंट पर ठहर जाए, हर मुसाफ़िर का दिल आबाद। डूबता सूरज कहता जैसे, फिर मिलने की आस, पर्वत की इस पावन धरती में, छिपा है सुख का वास। माउंट आबू की हर राह में, शांति का है संगीत, प्रकृति की गोद में मिलता, जीवन का सच्चा गीत। जो एक बार यहाँ आए, मन वहीं रह जाए, अरावली की इन वादियों में, जीवन मधुर हो जाए। ...