पटना का रंग


पटना का रंग निराला है,

मगध की मिट्टी से जुड़ा हर प्यारा है,

हर गली में कुछ खास है बात,

इतिहास की गूंज और संस्कृति की सौगात।


गंगा की ठंडी बहती लहरों में,

बसती हैं सुकून की सौगात,

बौद्ध स्तूपों से लेकर किला पुराना,

मगध की छाप यहाँ हर कोना सुहाना।


सूरज की पहली किरण जब गंगा पर पड़ती,

सोने सी चमक फैल जाती है,

ट्रेन की आवाज़ और लोगों की हँसी,

जीवन की लय कुछ अलग बन जाती है।


चाय की प्याली और गरम समोसे,

सड़क किनारे हंसी-ठिठोली के रंग,

कला, साहित्य और युवा की उमंग,

पटना के हर रंग में जीवन संग।


यहाँ की मिट्टी में मेहनत की खुशबू,

सपनों का आकाश भी बड़ा है,

मगध के रंगों में बसी है आत्मा,

जहाँ हर दिल को अपना प्यार मिला है।



                                – मीनाक्षी सिंह 


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